आज की ताजा खबर

श्रावस्ती जिला अस्पताल में नवजात की मौत पर बवाल, परिजनों ने लगाए अवैध वसूली के आरोप; एसीएमओ की टिप्पणी से बढ़ा विवाद

top-news

यमराज छुट्टी पर गए हैं, अब स्वास्थ्य विभाग की आशा, एएनएम और सिस्टर ही यमराज हैं।" एसीएमओ

श्रावस्ती। संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में नवजात की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मृतक नवजात के परिजनों ने इलाज के नाम पर रुपये मांगने,समुचित उपचार न देने और बाहर से महंगा इंजेक्शन मंगवाने का आरोप लगाया है। वहीं मामले में एसीएमओ की विवादित टिप्पणी ने पूरे प्रकरण को और तूल दे दिया है।जानकारी के अनुसार, इकौना थाना क्षेत्र के ग्राम मोहनीपुर मजरा जमुनहा निवासी शिवशंकर सिंह की पत्नी बीरपाल कौर ने गुरुवार को सीएचसी इकौना में पुत्र को जन्म दिया। नवजात की हालत गंभीर होने पर उसे संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा के एसएनसीयू वार्ड में रेफर किया गया,जहां देर रात उसकी मौत हो गई।परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान उनसे 2500 रुपये की मांग की गई। आर्थिक तंगी का हवाला देने पर उन्होंने 500 रुपये दिए, लेकिन इसके बावजूद नवजात का समुचित उपचार नहीं किया गया। आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने बाहर से लगभग 500 रुपये का इंजेक्शन मंगवाया, लेकिन बच्चे की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। परिजनों का यह भी कहना है कि नवजात की मौत के बाद अस्पताल कर्मियों ने उस पर्ची को वापस लेने की कोशिश की, जिस पर इंजेक्शन बाहर से लिखकर मंगाया गया था।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि शिकायत करने पर दवा की पर्ची भी अस्पताल प्रशासन ने अपने पास रख ली। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध वसूली और लापरवाही के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


एसीएमओ की टिप्पणी बनी विवाद का कारण

मामले में जब एसीएमओ डॉ. केके.वर्मा से नवजात की मौत और परिजनों के आरोपों पर सवाल किया गया तो उन्होंने कथित रूप से कहा, यमराज छुट्टी पर गए हैं, अब स्वास्थ्य विभाग की आशा, एएनएम और सिस्टर ही यमराज हैं।" इस टिप्पणी के बाद परिजनों और लोगों में नाराजगी बढ़ गई। नवजात की मौत पर संवेदना व्यक्त करने के बजाय इस तरह की टिप्पणी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।फिलहाल मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच या कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि परिजनों के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा हो सकता है। वहीं एसीएमओ की टिप्पणी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

https://lokbharti.co.in/ad/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *